The Lean Startup in Hindi | Hindi mein |

क्या है  Lean startup method?

Lean startup method एक ऐसा  Method है  जिसमे हम एक MVP(Minimum viable product) को बनाते है | जिसको trial के लिए लांच करते है  | तथा उस product की कमियों को customer के फीडबैक की सहायता से ठीक करते है  |  जिससे हम एक ऐसा product आसानी से बना पाते है  जिसकी मार्केट मे अच्छी डिमांड हो |

अविष्कारक  :-

इस method का अविष्कार एरिक रीस (Eric Ries) ने किया था | 2004 मे जब Eric Ries एक कंपनी IMVU मे CTO थे | तब  उस समय 3D gaming और instant massinging बिलकुल नई चीज़ थी तो उन्होंने इन दोनों को merge(जोड़ने) करने का विचार किया |इसके लिए उन्होंने  कंपनी के पुराने  massanger मे  3D Avatar को जोड़ने का प्लान बनाया | जिससे उनके customer 3D Avatar को शेयर कर सके | इसके लिए उन्होंने लगभग 6 महीने तक अपना  बहुत सारे पैसे और एनर्जी को उसमे लगाया | उन्होंने सोचा था कि यह product मार्केट मे आते ही छा जाएगा लेकिन ऐसा नहीं हुआ | जब उन्होंने इस product को लांच किया तो एक भी customer ने उनके इस एप्लीकेशन को डाउनलोड करने मे रूचि नहीं दिखाई | जिससे उनका बहुत सारा पैसा समय और एनर्जी सब waste हो गया  | जिससे उनको असफलता हाथ लगी | जब उन्होंने अपने इस product के न चलने का कारण अपने customers से पता किया तो उन्हें पता चला की सबको नया instant massenger चाहिए था | कोई पुराना वाला use नहीं करना चाहता था |  apni इसी असफलता से सीख लेकर  उन्होंने Lean startup method का अबिष्कार किया |


The lean startup in hindi

MVP के प्रकार :- MVP दो प्रकार के होते है |

 1. Concierge MVP :- इसमें हम product को fully launch नहीं करते है | उसको कुछ कम features के साथ ही लांच करते है अगर वो अच्छे से चलता है तो और जरूरी features को उसमे add कर देते है |

 2. Smoke screen MVP :- इसमें हम अपने product की एडवरटाइजिंग करके कुछ pre-orders बुक करते है अगर आर्डर आते है तो उसकी मैन्युफैक्चरिंग शुरू करते है  |

 लाभ :-

  1. Risk बहुत कम हो जाता है |
  2. समय,एनर्जी और पैसा waste होने से बाख जाता है  |
  3. product की मार्केट मे  need का पता चल जाता है |
  4. अच्छा product बनाने मे मदद मिलती है |
  5. customer इंगेजमेंट अच्छा हो जाता है |
  6. customer के  फीडबैक को implement करना आसान हो जाता है |
  7. आसानी से अपने product को पूरी तरह भी बदल सकते है  |
  8. Success के chances बढ़ जाते है |

इसको अपने स्टार्टअप मे apply कैसे करे ?

 मान लो आप एक स्टार्टअप शुरू कर रहे हो और आपको उसमे lean स्टार्टअप method को use करना है तो इसके लिए आपको बहुत छोटे स्तर से शुरुआत करनी पड़ेगी | इसके लिए शुरू मे आपको  शुरू मे एक ऐसा product design करना होगा | जो बहुत ही कम खर्च कम समय और कम एनर्जी मे ही बन जाए और उसको आसानी  से इस्तेमाल भी किया जा सके | बनाने के बाद उस product को trial की तरह लांच करना होगा न की प्रॉफिट के लिए और customers से फीडबैक पाने के लिए एक strong नेटवर्क तैयार करे  | जिससे कोई भी आपके स्टार्टअप पर अपना फीडबैक आसानी से दे सके | तथा जो भी फीडबैक मिले उससे अपने product मे लगातार सुधार करे | इस सब के बाद अगर आपको लगता है कि मार्केट मे आपके product की डिमांड है तो आपको उस पर काम जारी रखना चाहिए और अगर डिमांड नहीं होती है तो आपको अपने बिज़नस प्लान या product को change कर देना चाहिए | इन सबको करने के बाद  100% एक अच्छा product बना पायेंगे और आपको सफलता  मिलने के chances भी बढ़ जायेंगे |
आज के समय मे ज्यादातर startups Lean स्टार्टअप method का use करते है | तो यदि आप भी एक स्टार्टअप शुरू करने की सोच रहे है तो इस method का use जरूर करे | इसके सही इस्तेमाल से आपको सफलता जरूर मिलेगी |और अगर आप इस method के बारे मे और अच्छे से जानना चाहते है तो आप Eric Ries की book The Lean Startup पढ़ सकते है  | ऐसी ही और knowledge के लिए आप हमारे ब्लॉग को follow भी  कर सकते है |

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